72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अभिनेता रणदीप हुड्डा को फिल्म ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर’ के लिए बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। सम्मान मिलने के बाद रणदीप ने इसे अपने करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण और यादगार प्रोजेक्ट बताया।
रणदीप हुड्डा ने कहा कि ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर’ उनके करियर की सबसे कठिन फिल्म रही। उन्होंने कहा कि इस फिल्म ने उनसे वह सब कुछ करवाया, जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया था। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने फिल्म का निर्देशन और सह-लेखन भी किया, जो उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा।
अभिनेता ने कहा कि फिल्म बनाने का सफर आसान नहीं था और निर्माण के दौरान कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके पूरी टीम ने हार नहीं मानी और पूरी प्रतिबद्धता के साथ फिल्म को पूरा किया।
रणदीप ने अपनी टीम का आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि फिल्म को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ बनाया गया, ताकि वीर विनायक दामोदर सावरकर की कहानी दर्शकों तक सही रूप में पहुंच सके।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फिल्म नई पीढ़ी को वीर सावरकर के जीवन, संघर्ष और योगदान को जानने-समझने के लिए प्रेरित करेगी।
गौरतलब है कि ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर’ स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के जीवन पर आधारित फिल्म है, जिसमें उनके संघर्ष, विचार और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को दर्शाया गया है। फिल्म में रणदीप हुड्डा के साथ अंकिता लोखंडे और अमित सियाल भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए हैं।
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