Monday , July 20 2026

हाईकोर्ट में वांगचुक मामले की सुनवाई, केंद्र को नोटिस; मिलने की अनुमति बरकरार, अंतरिम आदेश टला

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो की याचिका पर सुनवाई के दौरान उन्हें और अन्य साथियों के लिए अलग रेस्ट रूम उपलब्ध कराने तथा वांगचुक से मिलने की अनुमति जारी रखने के निर्देश दिए।

सुनवाई के दौरान वांगचुक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वांगचुक को अपने वकील और निजी डॉक्टर से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है और उन्हें मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया जाए।

केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत को बताया कि 16 जुलाई के आदेश के अनुसार सरकारी डॉक्टर नियमित रूप से वांगचुक की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 18 दिन के उपवास के कारण किडनी की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है, लेकिन उनका उपचार जारी है और जरूरत पड़ने पर उन्हें एम्स में भी शिफ्ट किया जा सकता है।

एम्स के डॉक्टरों ने अदालत को बताया कि वांगचुक के शरीर में शुगर और पोटेशियम का स्तर काफी कम है। उन्हें बिना शुगर वाले इलेक्ट्रोलाइट्स, पोटेशियम और अन्य जरूरी उपचार दिए जा रहे हैं, हालांकि उन्होंने कुछ चिकित्सकीय हस्तक्षेप से इनकार किया है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि सरकारी डॉक्टरों पर अविश्वास की वजह क्या है। इस पर कपिल सिब्बल ने स्पष्ट किया कि सरकारी चिकित्सकों पर अविश्वास नहीं है, लेकिन वांगचुक अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराना चाहते हैं।

मामले की सुनवाई जारी है और अदालत ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। फिलहाल हाईकोर्ट ने कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया है, जबकि वांगचुक की पत्नी और उनके साथियों को उनसे मिलने की अनुमति बरकरार रखने के निर्देश दिए हैं।

Check Also

मानसून सत्र से पहले सियासी संग्राम, खरगे ने PM मोदी से राम मंदिर और पेपर लीक पर मांगा जवाब

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *