एशियाई खेलों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से चार अक्तूबर 2026 तक एशियाई खेलों का आयोजन होगा। यह एशियन गेम्स का 20वां संस्करण है। भारतीय दल भी इस बड़े आयोजन के लिए तैयार है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि एशियाई खेल, ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेल एक-दूसरे से कैसे अलग हैं और भारतीय खिलाड़ियों के लिए एशियाड की क्या अहमियत है।
ओलंपिक: दुनिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन
ओलंपिक को दुनिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन माना जाता है। इसमें दुनिया के लगभग सभी देश हिस्सा लेते हैं। आधुनिक ओलंपिक की शुरुआत 1896 में हुई थी। इसका पिछला संस्करण 2024 में पेरिस में आयोजित हुआ था, जबकि अगला ओलंपिक 2028 में लॉस एंजिलिस में होगा।
भारत ने ओलंपिक में अब तक कुल 41 पदक जीते हैं। इनमें 10 स्वर्ण, 10 रजत और 21 कांस्य पदक शामिल हैं।
राष्ट्रमंडल खेल: किन देशों की होती है भागीदारी?
राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत 1930 में हुई थी। इसमें मुख्य रूप से वे देश हिस्सा लेते हैं जो ब्रिटिश साम्राज्य या उसके आश्रित रहे हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में 74 सदस्य देश हिस्सा लेते हैं। इसके अलावा कुछ क्षेत्र भी अपने संबंधित सदस्य संघों के माध्यम से भाग लेते हैं।
भारत राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद चौथा सबसे सफल देश है। भारत ने इन खेलों में 215 स्वर्ण, 206 रजत और 178 कांस्य, यानी कुल 599 पदक जीते हैं।
एशियाड: एशिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन
एशियाई खेलों को एशियाड या एशियन गेम्स भी कहा जाता है। यह एशिया का सबसे बड़ा और वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा खेल आयोजन है। इसमें एशिया के 45 देश हिस्सा लेते हैं, जिन्हें ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया से मान्यता प्राप्त है।
एशियाई खेलों की शुरुआत 1951 में हुई थी और भारत ने इसके हर संस्करण में हिस्सा लिया है।
एशियाड में भारत का प्रदर्शन
एशियन गेम्स के इतिहास में भारत सर्वाधिक पदक जीतने वाले देशों में पांचवें स्थान पर है। भारत ने पिछले 19 संस्करणों में 183 स्वर्ण, 238 रजत और 357 कांस्य, कुल 778 पदक जीते हैं।
पदक तालिका में चीन पहले, जापान दूसरे, कोरिया तीसरे और ईरान चौथे स्थान पर है। चीन के हांगझोऊ में आयोजित 2022 एशियन गेम्स में भारत ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। भारतीय दल ने वहां रिकॉर्ड 106 पदक जीते थे।
भारतीय एथलीटों के लिए एशियाड क्यों अहम?
भारतीय खिलाड़ियों के लिए एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है। यहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले एथलीट अपने खेल में एशिया स्तर पर पहचान बनाने के साथ राष्ट्रमंडल और ओलंपिक जैसे बड़े मंचों के लिए भी अपनी स्थिति मजबूत कर सकते हैं।
यही वजह है कि भारतीय एथलीट एशियन गेम्स में पदक जीतने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।
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