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AIIMS BSc Nursing: ओपन राउंड काउंसलिंग का पूरा कार्यक्रम जारी, ऐसे करें च्वाइस फिलिंग

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली ने बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग और बीएससी एलाइड एंड हेल्थ केयर पाठ्यक्रमों के अगस्त 2026 सत्र के ओपन राउंड सीट आवंटन का कार्यक्रम जारी कर दिया है। आधिकारिक वेबसाइट पर 11 सितंबर को इससे संबंधित सूचना प्रकाशित की गई थी। पात्र अभ्यर्थी निर्धारित समय के भीतर पंजीकरण कर संस्थानों की पसंद भर सकते हैं।

16 सितंबर तक भर सकेंगे विकल्प

बीएससी नर्सिंग के तीसरे चरण में सीट आवंटन के लिए पंजीकरण और एम्स की पसंद भरने की अंतिम तारीख 16 सितंबर 2026 है। अभ्यर्थियों को तय समय सीमा के भीतर अपनी पसंद भरकर जमा करनी होगी। समय सीमा समाप्त होने के बाद च्वाइस फिलिंग का मौका नहीं मिलेगा।

सीटों का आवंटन प्रवेश परीक्षा की मेरिट और अभ्यर्थियों द्वारा भरे गए विकल्पों के आधार पर किया जाएगा।

19 सितंबर को आएगा नर्सिंग का परिणाम

कार्यक्रम के अनुसार बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग का सीट आवंटन परिणाम 19 सितंबर 2026 को जारी किया जाएगा। वहीं बीएससी एलाइड एंड हेल्थ केयर पाठ्यक्रमों का सीट आवंटन परिणाम 23 सितंबर 2026 को घोषित होगा।

आवंटित सीट को ऑनलाइन स्वीकार करने और संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए अभ्यर्थियों को 24 से 28 सितंबर 2026 तक का समय दिया गया है।

AIIMS BSc Nursing Counselling 2026: पूरा कार्यक्रम

प्रक्रिया                                                                                                        तारीख

पसंद भरने और पंजीकरण की अंतिम तारीख                                                   16 सितंबर 2026
बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग सीट आवंटन परिणाम                                                19 सितंबर 2026
बीएससी एलाइड एंड हेल्थ केयर परिणाम                                                        23 सितंबर 2026
आवंटित सीट की ऑनलाइन स्वीकृति                                                              24 से 28 सितंबर 2026

मेरिट और रैंक के आधार पर होगा सीट आवंटन

सीट आवंटन अभ्यर्थियों की प्रवेश परीक्षा की मेरिट और रैंक के आधार पर किया जाएगा। एम्स ने ओपन राउंड के लिए रिक्त सीटों की जानकारी भी जारी की है। हालांकि, ऑनलाइन सीट आवंटन के समय उपलब्ध सीटों की संख्या में बदलाव हो सकता है।

मूल प्रमाणपत्र तैयार रखें

जिन अभ्यर्थियों को सीट आवंटित होगी, उन्हें प्रवेश के समय संबंधित मूल प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने होंगे। ऐसे में सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखना जरूरी है।

आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन भी महत्वपूर्ण होगा। उपलब्ध नियमों के अनुसार, यदि किसी अभ्यर्थी के ओबीसी या ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र का सत्यापन नहीं होता है और उसकी रैंक सामान्य वर्ग की कटऑफ के भीतर है, तो उसे सामान्य वर्ग के तहत माना जा सकता है।

इस क्रम में आवंटित होंगी सीटें

सीट आवंटन में पहले अनारक्षित वर्ग, इसके बाद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों पर विचार किया जाएगा।

यदि EWS या OBC की कोई सीट खाली रह जाती है, तो निर्धारित नियमों के अनुसार उसे अनारक्षित वर्ग में स्थानांतरित कर मेरिट के आधार पर भरा जा सकता है। SC और ST की खाली सीटों के लिए भी निर्धारित आरक्षण नियम लागू होंगे। इसके बाद भी सीटें खाली रहने पर नियमों के अनुसार उन्हें अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर दिया जा सकता है।

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