कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि कैबिनेट का गठन और विस्तार पूरी तरह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें मंत्री बनाए जाने की चर्चाएं निराधार हैं और वह केवल पार्टी नेतृत्व से मुलाकात के लिए नई दिल्ली जा रहे हैं।
हरिप्रसाद ने बताया कि कांग्रेस सोमवार से राज्य में व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन अभियान शुरू करेगी। इस अभियान का उद्घाटन 24 जुलाई को एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल करेंगे। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में कर्नाटक ही एकमात्र राज्य है, जहां यह अभियान अब तक शुरू नहीं हुआ था।
अभियान के तहत करीब 170 पर्यवेक्षक राज्य के सभी जिलों और ब्लॉकों का दौरा करेंगे। इनमें एआईसीसी और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रतिनिधि शामिल होंगे। पर्यवेक्षक संगठन की स्थिति का आकलन कर अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेंगे, जिसके आधार पर जिला कांग्रेस कमेटियों में बदलाव पर फैसला लिया जाएगा।
मंत्री बनाए जाने की अटकलों पर हरिप्रसाद ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से उनके खिलाफ ऐसी चर्चाएं फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कभी पद या सत्ता हासिल करना नहीं रहा, बल्कि पार्टी को मजबूत करना और सत्ता तक पहुंचाना रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की रणनीति केवल 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव तक सीमित नहीं है। पार्टी का मुख्य लक्ष्य 2029 के लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करना और राहुल गांधी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनाना है।
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