राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू ने पूछताछ के दौरान ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। टिन्नू का दावा है कि बैंक के साथ मिलकर चढ़ावे की गणना प्रक्रिया की निगरानी और व्यवस्था की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा की थी। उसने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर हम लोग जेल में हैं तो अनिल मिश्रा बाहर क्यों हैं?”
पूछताछ के दौरान टिन्नू ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की भूमिका से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें कथित चोरी की जानकारी नहीं थी और वे चढ़ावे की गणना प्रक्रिया की निगरानी नहीं करते थे। हालांकि, उसने स्वीकार किया कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई कार्यों में उसकी सक्रिय भूमिका थी और वह चंपत राय के निर्देश पर दानपात्रों की चाबियां संभालता था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू ने बताया कि उसकी मौजूदगी के कारण चढ़ावे की गणना के दौरान सुरक्षाकर्मी और ट्रस्ट के पदाधिकारी ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करते थे। पूछताछ में उसने कई सवालों के जवाब टालने की कोशिश की, लेकिन साक्ष्य सामने रखे जाने पर चुप हो गया।
जांच के दौरान टिन्नू और सह-आरोपी मनीष यादव ने दो-तीन अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। टिन्नू ने यह भी स्वीकार किया कि उसके पास चंपत राय की आईडी का एक्सेस था, जिससे वह वीआईपी पास बनाकर लोगों को दर्शन कराता था।
पुलिस को पूछताछ में टिन्नू और मनीष की जमीनों, ठेकेदारी से जुड़ी फर्म और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई सुराग भी मिले हैं। वहीं, सह-आरोपी मनीष यादव ने पूछताछ में चढ़ावा चोरी की बात स्वीकार करते हुए टिन्नू की भूमिका का भी जिक्र किया है। पुलिस अब दोनों आरोपियों के बयानों और मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
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