राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी और सक्रियता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। संगठन नकारात्मक नैरेटिव और कथित भ्रामक प्रचार का जवाब देने के लिए प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की विशेष टीम तैयार कर रहा है। इसके लिए देहरादून में कई चरणों में प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा चुके हैं।
संघ का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया पर विभिन्न मुद्दों को लेकर नैरेटिव बनाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। कई मामलों में संगठन और उसके विचारों को लेकर भी नकारात्मक प्रचार देखने को मिला है। ऐसे में डिजिटल मंचों पर तथ्यों के साथ अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने के लिए स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को कंटेंट तैयार करने, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामग्री साझा करने, तथ्य आधारित जवाब देने और प्रतिक्रिया प्रबंधन जैसे विषयों की जानकारी दी जा रही है। संगठन का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों के जरिए समाज तक सही जानकारी पहुंचाना और अपने सेवा कार्यों व विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है।
संघ के अनुसार, यह विशेष टीम सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत या भ्रामक सूचनाओं की पहचान कर उनका तथ्यात्मक जवाब देगी। साथ ही सकारात्मक और रचनात्मक नैरेटिव तैयार कर राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और सेवा कार्यों से जुड़े संदेशों को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया में बढ़ती नकारात्मकता के दौर में स्वयंसेवकों को डिजिटल रूप से दक्ष बनाया जा रहा है, ताकि भविष्य में वे ऑनलाइन मंचों पर अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।
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