NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर रातभर धरने पर बैठे रहे। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के साथ शनिवार रात से जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद धरनास्थल खाली करने को कहा था, लेकिन प्रदर्शनकारी वहां से नहीं हटे। रविवार सुबह दीपके ने लोगों से आंदोलन का समर्थन करने और NEET री-एग्जाम देने वाले छात्रों से परीक्षा के बाद धरने में शामिल होने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने थाली-चम्मच बजाकर विरोध जताया और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर स्थित सार्वजनिक शौचालयों में पानी और बिजली की व्यवस्था प्रभावित होने का भी आरोप लगाया। दीपके ने प्रशासन से प्रदर्शनकारियों के लिए मूलभूत सुविधाएं बहाल रखने की मांग की।
शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह 27 जून से अनशन शुरू करेंगे। CJP ने NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग भी उठाई है।
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस मामले की जांच CBI कर रही है, जबकि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर बहस लगातार जारी है।
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