महाराष्ट्र में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। 25 मई से 31 जुलाई के बीच चलाए गए विशेष अभियान में 3,137 होटल, रेस्तरां और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 55.72 करोड़ रुपये मूल्य के 28.66 लाख किलोग्राम असुरक्षित खाद्य पदार्थ जब्त या नष्ट किए गए, जबकि 165 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बताया कि जांच के दौरान 764 सुधार नोटिस जारी किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंस निलंबन स्थायी कार्रवाई नहीं है। यदि संबंधित प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं, तो सुनवाई के बाद उन्हें दोबारा संचालन की अनुमति दी जा सकती है। अब तक 103 मामलों में अपील प्राप्त हुई है और पात्र प्रतिष्ठानों को अंतरिम राहत भी दी गई है।
अभियान के तहत 890 होटल और रेस्तरां की जांच में 116 लाइसेंस निलंबित किए गए। वहीं दूध और दुग्ध उत्पादों से जुड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए कई नोटिस जारी किए गए, लाइसेंस निलंबित किए गए और एफआईआर दर्ज की गईं।
एफडीए ने प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला के खिलाफ भी सख्त अभियान चलाया। इस दौरान 15.11 करोड़ रुपये का प्रतिबंधित सामान जब्त किया गया, 519 एफआईआर दर्ज हुईं, 701 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 407 प्रतिष्ठानों को सील किया गया।
इसके अलावा, 30 जुलाई से महाराष्ट्र में कृत्रिम (एनालॉग) पनीर के निर्माण, बिक्री, भंडारण, परिवहन और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि असली पनीर के नाम पर नकली या कृत्रिम पनीर बेचने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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