केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य और विमानन क्षेत्र में दो बड़ी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका पेश किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत अब तक ₹1.91 लाख करोड़ से अधिक का कैशलेस इलाज देशभर में उपलब्ध कराया जा चुका है। यह सुविधा 37,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों के माध्यम से करोड़ों लाभार्थियों तक पहुंची है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की ‘चिंतन शिविर’ समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए जाधव ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत अब तक 94 करोड़ से अधिक ABHA हेल्थ आईडी बनाई जा चुकी हैं, जबकि 100 करोड़ से अधिक डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड भी इस प्लेटफॉर्म से जोड़े गए हैं।
एनएचए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील कुमार बर्नवाल ने स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग पर जोर दिया। बैठक में दोनों प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
वहीं, केंद्र सरकार ने संशोधित UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और मजबूत करने की तैयारी की है। ₹28,840 करोड़ के बजट वाली इस योजना के नए चरण में 100 नए एयरपोर्ट और 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित किए जाएंगे, ताकि छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों को भी बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिल सके।
सरकार के अनुसार, वर्ष 2016 में शुरू की गई क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS-UDAN) ने देश में हवाई यात्रा को अधिक किफायती और सुलभ बनाने में अहम भूमिका निभाई है। पिछले एक दशक में भारत में संचालित हवाई अड्डों की संख्या 2014 के 74 से बढ़कर 15 जुलाई 2026 तक 165 हो चुकी है, जिससे भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है।
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