ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से शुरू होंगे।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, खामेनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को उन्हें मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा।
अधिकारियों का अनुमान है कि तेहरान, कुम और मशहद में आयोजित होने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। इसे ईरान के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में से एक माना जा रहा है।
हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समारोह में शामिल होंगे या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। भारत सरकार ने भी इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की है।
खामेनेई का मुख्य अंतिम संस्कार समारोह तेहरान में होगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक शहर कुम ले जाया जाएगा और फिर मशहद पहुंचाया जाएगा। मशहद शिया मुसलमानों का प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जहां इमाम रजा की दरगाह स्थित है।
अंतिम संस्कार कार्यक्रम की सुरक्षा और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को सौंपी गई है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि भारी भीड़ और युद्ध जैसे हालातों के कारण अंतिम संस्कार में देरी हुई।
गौरतलब है कि ईरान के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के 1989 में हुए जनाजे में करीब 1 करोड़ लोग शामिल हुए थे। इस बार इससे भी बड़ी भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है।
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