स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत ट्रम्प के धमकी भरे बयान के बाद विवादों में घिर गई। ईरानी वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने दावा किया कि करीब 80 मिनट की वार्ता के बाद उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान की जानकारी मिली, जिसके बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बैठक छोड़ दी।
गालिबाफ ने कहा कि बातचीत की पहली शर्त ही यह थी कि किसी भी पक्ष की ओर से धमकी या दबाव नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रम्प ने ईरान के राष्ट्रपति, वार्ता टीम और क्षेत्र को लेकर सख्त बयान दिए, जिसके बाद आगे बातचीत संभव नहीं रही।
ईरान ने बाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ दोबारा बैठक करने के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया। साथ ही ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से हाथ मिलाने और संयुक्त फोटो सत्र में शामिल होने से भी इनकार कर दिया।
हालांकि पाकिस्तान ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक रही और अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति बनी है। वहीं ईरान ने साफ किया है कि वह दबाव या धमकी के माहौल में अमेरिका से सीधे बातचीत नहीं करेगा।
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