दिल्ली सरकार ने युवा खिलाड़ियों को आर्थिक मदद देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत ग्रासरूट ट्रेनिंग सपोर्ट असिस्टेंस शुरू करने को मंजूरी दी गई है।
योजना के तहत दिल्ली के सरकारी स्टेडियमों और स्पोर्ट्स सेंटरों में प्रशिक्षण ले रहे युवा खिलाड़ियों को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का कहना है कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी खिलाड़ी का प्रशिक्षण प्रभावित न हो, इसी उद्देश्य से यह सहायता दी जाएगी।
खुराक से लेकर खेल उपकरण तक में कर सकेंगे इस्तेमाल
खिलाड़ी इस राशि का इस्तेमाल अपनी खुराक, स्थानीय परिवहन, छोटे खेल उपकरण और चिकित्सा संबंधी जरूरतों के लिए कर सकेंगे। योजना में अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 के साथ-साथ अंडर-21 आयु वर्ग के खिलाड़ी भी शामिल होंगे।
हर सेंटर के अधिकतम 25 फीसदी खिलाड़ी होंगे पात्र
योजना के तहत किसी स्पोर्ट्स सेंटर या स्टेडियम में नामांकित प्रशिक्षुओं में से अधिकतम 25 फीसदी खिलाड़ी ही आर्थिक सहायता के लिए पात्र होंगे। सामान्य तौर पर एक सेंटर से अधिकतम 100 खिलाड़ियों को इसका लाभ मिलेगा। बड़े स्टेडियमों में बजट उपलब्ध होने पर यह संख्या 150 तक की जा सकेगी।
प्रदर्शन और आर्थिक स्थिति के आधार पर होगा चयन
खिलाड़ियों का चयन उनके प्रदर्शन, अनुशासन और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाएगा। सहायता पाने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण में 80 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी।
सरकार का उद्देश्य ग्रासरूट स्तर पर खिलाड़ियों को शुरुआती आर्थिक सहारा देना और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।
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