उत्तरकाशी में लगातार हो रही बारिश के बीच यमुनोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर भूस्खलन होने से सैकड़ों कांवड़ यात्री और अन्य श्रद्धालु घंटों तक फंसे रहे। सिलाई बैंड के पास सड़क आंशिक रूप से खुलने के बाद कुछ वाहनों की आवाजाही शुरू हुई, जिससे यात्रियों को राहत मिली। हालांकि पालीगाड़ से जानकीचट्टी तक हाईवे पर हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं।
स्यानाचट्टी, सिलाई बैंड और हनुमान चट्टी के आसपास लगातार पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के कारण सड़क बहाली का कार्य प्रभावित हो रहा है। निर्माण एजेंसी मशीनों की मदद से युद्धस्तर पर मलबा हटाने में जुटी है, जबकि मशीन ऑपरेटर जोखिम उठाकर मार्ग खोलने का प्रयास कर रहे हैं।
जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। राम मंदिर के पास क्षतिग्रस्त रास्ते से श्रद्धालुओं को सावधानी के साथ आवाजाही करनी पड़ रही है। वहीं स्यानाचट्टी के आगे कई स्थानों पर खराब सड़क के बावजूद ओवरलोड वाहनों की आवाजाही जारी है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
उधर, चमोली जिले में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला। गमलीगाड़ में मलबा आने से देवाल-लोहाजंग स्टेट हाईवे बंद हो गया, जिससे करीब 12 हजार लोगों का संपर्क प्रभावित हुआ। देवाल-खेता मानमती मार्ग और हाटकल्याड़ी-सवाड़ सड़क भी भूस्खलन के कारण बंद हो गई हैं।
लोक निर्माण विभाग ने बताया कि सभी बंद मार्गों को जल्द खोलने के लिए जेसीबी और पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यात्रियों से केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने तथा प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi