राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और मामले पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चढ़ावा मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी 15 दिन के भीतर “दूध का दूध और पानी का पानी” कर देगी और दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी रामभक्तों पर गोली चलवाते थे, वही आज रामभक्तों के हितैषी बनने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर अयोध्या को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।
योगी ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई गई है। यदि किसी के पास कोई सबूत है तो वह जांच टीम को सौंपे। उन्होंने रामभक्तों से अपील की कि जांच पूरी होने तक अनावश्यक बयानबाजी से बचें और किसी भी तरह के दुष्प्रचार के बहकावे में न आएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या और राम मंदिर को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष होगी और अगर किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर एसआईटी जांच जारी है। अब तक कई संदिग्धों के नाम सामने आए हैं और करोड़ों रुपये की बरामदगी भी हो चुकी है। जांच टीम ट्रस्ट पदाधिकारियों, कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों और दान राशि की गिनती से जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है।
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