उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आंतरिक सर्वे ने कई मौजूदा विधायकों की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी की ओर से कराए गए सर्वे में कई क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी और एंटी इनकंबेंसी के संकेत मिलने की चर्चा है।
सूत्रों के अनुसार, अब तक कराए गए तीन सर्वे की रिपोर्ट में कई सीटों पर जनता की असंतुष्टि सामने आई है। इसी आधार पर सर्वे एजेंसी ने करीब 35 फीसदी मौजूदा विधायकों के टिकट बदलने और नए उम्मीदवारों को मौका देने का सुझाव दिया है। हालांकि, पार्टी ने इस पर आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की है।
मुरादाबाद मंडल में भाजपा के 12 विधायक हैं, जिनमें से 10 लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं। ऐसे में सर्वे रिपोर्ट के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि संभावित बदलाव की सूची में मंडल के कुछ नाम भी शामिल हो सकते हैं, जिससे संगठन और विधायकों के बीच हलचल बढ़ गई है।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अभी तक तीन चरणों में सर्वे कराया जा चुका है, जबकि अगस्त-सितंबर में चौथा सर्वे भी प्रस्तावित है। इन सर्वे का उद्देश्य जनता की राय, विधायकों के प्रदर्शन और चुनावी संभावनाओं का आकलन करना है।
वहीं, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने कहा कि पार्टी समय-समय पर सर्वे कराती रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल विधानसभा चुनाव के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है और पार्टी का वर्तमान फोकस एमएलसी चुनाव पर है।
हालांकि सर्वे रिपोर्ट को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और टिकट वितरण पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा।
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