अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार व्यापक होती जा रही है। अब पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाकर उत्तर प्रदेश के 12 जिलों तक पहुंचा दिया है। आरोपियों, उनके परिजनों और करीबी लोगों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों तथा वित्तीय निवेश की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर आरोपियों और उनके करीबियों की चल-अचल संपत्तियों, जमीन, मकान और अन्य निवेश का पूरा ब्योरा मांगा है। अधिकारियों के अनुसार, चोरी की रकम को अलग-अलग माध्यमों से निवेश किए जाने और अन्य जिलों में संपत्तियां खरीदने की आशंका के बाद जांच का विस्तार किया गया है।
जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक लेनदेन, संपत्ति खरीद और पिछले कुछ वर्षों में किए गए निवेश का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद इन जानकारियों का वित्तीय लेनदेन से मिलान किया जाएगा और आवश्यक तथ्यों को विवेचना में शामिल किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या के अलावा सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, बहराइच, गोंडा, बस्ती, लखनऊ, नोएडा, अंबेडकरनगर और बाराबंकी समेत करीब 12 जिलों में राजस्व विभाग की टीमें रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। फिलहाल किसी भी जिले से अंतिम रिपोर्ट पुलिस को प्राप्त नहीं हुई है।
इधर, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भारतीय स्टेट बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखे गए आभूषणों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का सत्यापन भी जारी है। सूची से मिलान के दौरान कुछ वस्तुएं रिकॉर्ड के अनुरूप नहीं मिलने पर उनकी अलग से पड़ताल की जा रही है। सत्यापन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है।
इस बीच ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को 20 बिंदुओं पर कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की शिकायत भेजी है। उन्होंने मंदिर निर्माण लागत में बढ़ोतरी समेत कई मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस और एसआईटी दोनों स्तर पर जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी रिपोर्ट और दस्तावेज मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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