उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश में भूस्खलन के चलते 85 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी आपदा प्रबंधन और राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू है। प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की गई है।
प्रदेशभर में भूस्खलन के कारण कई प्रमुख सड़कें बाधित हैं। अगस्त्यमुनि के विजयनगर-तैला मार्ग पर भारी मलबा और बोल्डर आने से यातायात ठप हो गया। यह सड़क 80 से अधिक गांवों की जीवनरेखा मानी जाती है। वहीं टिहरी जिले के घुत्तू क्षेत्र में भूस्खलन से एक कार मलबे में दब गई और कई मकानों को नुकसान पहुंचा। हालांकि, समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिए जाने से कोई जनहानि नहीं हुई।
रुद्रप्रयाग में लगातार बारिश के बाद अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इसके बाद नगर निकायों ने लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से नदी तटों से दूर रहने की अपील की है।
हरिद्वार में भी मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों से केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
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