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लोकसभा चुनाव के बाद वरुण गांधी परिवार संग पीएम मोदी से मिले

लोकसभा चुनाव में पीलीभीत से टिकट कटने के बाद भाजपा नेता वरुण गांधी ने पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। उनकी पत्नी यामिनी और बेटी अनुसूया भी साथ रहीं। सूत्रों के मुताबिक, वरुण ने देश के मौजूदा हालात पर पीएम से चर्चा की। उनका मार्गदर्शन लिया। पीएम ने भी वरुण और उनकी पत्नी से हालचाल पूछा और बेटी को दुलारा।

मुलाकात के बाद वरुण गांधी ने X पर लिखा- आपके व्यक्तित्व में पिता जैसा स्नेह और सुरक्षा का भाव है। आपसे मिलकर यह भरोसा और बढ़ जाता है कि आप देश और देशवासियों के सच्चे अभिभावक हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट नहीं मिलने के बाद वरुण गांधी सक्रिय राजनीति से दूर थे। लेकिन, प्रधानमंत्री से इस मुलाकात के बाद उनके फिर से सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। माना जा रहा है, उन्हें जल्द कोई अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।

क्या बंगाल चुनाव में मिलेगी जिम्मेदारी?

वरुण गांधी की मोदी से मुलाकात को पश्चिम बंगाल चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा। वजह यह है कि वरुण की पत्नी यामिनी बंगाल से हैं। यामिनी ग्राफिक डिजाइनर रही हैं। उन्होंने शांति निकेतन (पश्चिम बंगाल) और दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से पढ़ाई की है। हालांकि यामिनी राजनीतिक रूप से ज्यादा सक्रिय नहीं हैं।

लेकिन, बंगाल में जीत के लिए भाजपा हर स्तर पर रणनीति बना रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि वरुण गांधी को चुनाव प्रचार में सक्रिय किया जा सकता है।

वरुण गांधी पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। पश्चिम बंगाल के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उस दौरान उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष रहे राहुल सिन्हा के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करने पर काम किया था। अब राहुल सिन्हा को राज्यसभा भेजा जा चुका है। ऐसे में पार्टी के अंदर यह चर्चा है कि बंगाल में वरुण गांधी को फिर से सक्रिय भूमिका दी जा सकती है।

लगातार 3 दशक तक मां-बेटे सांसद रहे थे

2024 लोकसभा चुनाव से पहले वरुण गांधी किसानों से लेकर नौजवानों तक के मुद्दों पर मुखर थे। वे अपनी ही सरकार पर सवाल उठाने लगे थे। ऐसे में सियासी गलियारों में चर्चा होने लगी थी कि पीलीभीत से उनका टिकट कट सकता है।

ऐसा ही हुआ भी। भाजपा ने वरुण गांधी का टिकट काटकर यूपी के मंत्री जितिन प्रसाद को टिकट दिया था। जितिन चुनाव जीतकर मोदी सरकार में मंत्री बने। लोकसभा चुनाव के वक्त वरुण के सहयोगियों ने पीलीभीत सीट से नामांकन पत्र खरीदा था। चर्चा हुई थी कि वे निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं, हालांकि उन्होंने नामांकन नहीं किया था।

वहीं, वरुण की मां मेनका गांधी 2024 में सुल्तानपुर से लोकसभा चुनाव में उतरी थीं, लेकिन हार गईं। करीब तीन दशक में यह पहली बार है, जब मां-बेटे दोनों किसी भी सदन में नहीं हैं।

टिकट कटने के बाद सक्रिय राजनीति से दूर हुए

लोकसभा चुनाव के बाद चर्चा थी कि वरुण कांग्रेस या सपा के साथ जा सकते हैं या नई पार्टी बना सकते हैं। उस वक्त कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा भी था कि वरुण को भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आ जाना चाहिए।

हालांकि, वरुण ने भाजपा नहीं छोड़ी, बल्कि सक्रिय राजनीति से दूर हो गए। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मई, 2024 के बाद X पर सिर्फ 13 पोस्ट किए। इनमें से 3 मां मेनका गांधी के रिपोस्ट हैं, जबकि पहले वे काफी सक्रिय रहते थे।

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