कानपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। वारदात की रात उनका बेटा सुब्रत और बहू शालू तिलकनगर के कॉस्मोजिन लाउंज में आयोजित किटी पार्टी में मौजूद थे। जांच में सामने आया है कि पार्टी का आयोजन सुब्रत और शालू ने ही किया था।
पार्टी में फार्मा कारोबार से जुड़े करीब 30 से 35 लोग शामिल हुए थे। कार्यक्रम रात 11:30 बजे शुरू होना था, लेकिन सुब्रत और शालू करीब एक घंटे पहले साढ़े दस बजे ही लाउंज पहुंच गए थे। दोनों अपने छह साल के बेटे को भी साथ ले गए थे। पार्टी का खर्च रतनलालनगर निवासी एक दवा कारोबारी ने उठाया था।
पार्टी में काटे गए तीन-चार केक
लाउंज संचालक लवी मिश्रा के अनुसार, पार्टी में सुब्रत और शालू मौजूद थे और दोनों तय समय से पहले पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि बिल का भुगतान दोनों ने नहीं किया था। पार्टी में तीन-चार केक भी काटे गए थे, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि केक किसके जन्मदिन के मौके पर काटे गए।
मायके पक्ष ने शालू को बताया निर्दोष
शालू के भाई धीरज अरोड़ा और बहन सोनिया मेहरोत्रा ने पत्रकार वार्ता कर उसे निर्दोष बताया। उनका कहना है कि शालू ने कभी ससुर के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की। मायके पक्ष ने कहा कि शालू का ससुर से कोई विवाद नहीं था और जरूरत पड़ने पर उसे रुपये भी आसानी से मिल जाते थे।
परिजनों के मुताबिक, शालू ससुर की बीमारी को लेकर भी चिंतित रहती थी। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी दादी सास की देखभाल को ध्यान में रखते हुए लगाए गए थे।
सुब्रत की चुप्पी पर उठाए सवाल
मायके पक्ष ने सुब्रत की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सुब्रत से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह बात करने के लिए तैयार नहीं हुआ। परिजनों के अनुसार, वे शालू से जेल में दो बार मिल चुके हैं, जबकि सुब्रत एक बार भी उससे मिलने नहीं गया।
सीसीटीवी में दिखे थे दो व्यक्ति
पुलिस की जांच में अपार्टमेंट की गैलरी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी सामने आई है। इसमें एक पूर्व कर्मचारी समेत दो व्यक्ति फ्लैट में आते-जाते दिखाई दिए थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी।
धारदार हथियार से किया गया था हमला
इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर सी-104 में रहने वाले 63 वर्षीय विनीत मिनोचा की शनिवार देर रात हत्या कर दी गई थी। सुबह करीब 4:13 बजे सुब्रत और शालू लौटे तो कमरे में उनका खून से लथपथ शव पड़ा मिला। उनके गले पर रेतने के निशान थे और शरीर पर धारदार हथियार से डेढ़ दर्जन से अधिक वार के निशान मिले थे।
पुलिस मामले के कई पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल किसी पर अंतिम रूप से आरोप तय नहीं हुआ है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
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