सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की खरीदारी के दम पर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 544.39 अंक (0.70%) की बढ़त के साथ 78,639.03 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 390.70 अंक (1.60%) उछलकर 24,774.30 के स्तर पर पहुंच गया।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 800 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की। बाजार में आई तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने की उम्मीदों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। इससे महंगाई और कंपनियों की लागत को लेकर चिंताएं कम हुईं, जिसका सकारात्मक असर निवेशकों के भरोसे पर पड़ा।
सेंसेक्स की कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, आईटीसी, एक्सिस बैंक और इटरनल के शेयर प्रमुख बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं सन फार्मा, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी और टाटा स्टील के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
बाजार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी से भी समर्थन मिला। लगातार चार महीनों की बिकवाली के बाद जुलाई में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 20,200 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। वहीं रुपया भी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे मजबूत होकर 95.31 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, मजबूत विदेशी निवेश और रुपये में मजबूती फिलहाल भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भविष्य में उभरते बाजारों के लिए चुनौती बन सकती है।
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