पाकिस्तान का एक कार्गो विमान मंगलवार रात कराची पहुंचने से पहले लापता हो गया। विमान शारजाह से कराची आ रहा था और उसमें 5 क्रू मेंबर सवार थे। पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) के अनुसार, रात 9:18 बजे पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को नेविगेशन सिस्टम में खराबी की सूचना दी। कंट्रोल रूम ने विमान को गाइड करने की कोशिश की, लेकिन करीब तीन मिनट बाद संपर्क टूट गया। आखिरी बार विमान कराची से 155 नॉटिकल मील (करीब 287 किमी) पश्चिम में ट्रैक किया गया।
विमान के लापता होने के बाद अरब सागर में बड़े स्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है। पाकिस्तान नेवी, एयर फोर्स और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से खोज अभियान चला रही हैं। फिलहाल विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने या किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं
PAA का कहना है कि विमान के लापता होने की वजह का अभी पता नहीं चल सका है। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightRadar24 के शुरुआती डेटा के मुताबिक, संपर्क टूटने से पहले विमान ने पहले ऊंचाई खोई, फिर कुछ ऊपर गया और इसके बाद अचानक तेजी से नीचे आया। इससे आशंका जताई जा रही है कि विमान अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
एविएशन एक्सपर्ट इमरान असलम ने ARY न्यूज से कहा कि इंजन फेल होने की स्थिति में भी विमान आमतौर पर कुछ दूरी तक ग्लाइड करता है। उनके मुताबिक, विमान का अचानक तेजी से नीचे आना सामान्य नहीं है और इसकी असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
2018 में शुरू हुई थी K2 एयरवेज
कराची स्थित निजी कार्गो एयरलाइन K2 Airways की शुरुआत मई 2018 में हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसे का शिकार हुआ 27 साल पुराना Boeing 737 वर्ष 2024 में एयरलाइन के बेड़े में शामिल किया गया था। यह कंपनी का इकलौता विमान था और इसकी पिछली उड़ान 28 जून को हुई थी।
एयरलाइन ने बयान जारी कर कहा है कि वह पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ जांच और सर्च ऑपरेशन में पूरा सहयोग कर रही है।
नेविगेशन सिस्टम क्या है?
नेविगेशन सिस्टम विमान की लोकेशन, दिशा, ऊंचाई और तय उड़ान मार्ग की जानकारी देता है। इसके लिए GPS, इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS), रेडियो बीकन और अन्य सेंसर का इस्तेमाल किया जाता है। यदि इसमें खराबी आती है, तो पायलट तुरंत ATC को सूचना देता है और बैकअप सिस्टम की मदद से विमान को सुरक्षित उड़ाने की कोशिश की जाती है। केवल नेविगेशन सिस्टम में खराबी होने पर अधिकांश मामलों में विमान सुरक्षित लैंड करा लिया जाता है, लेकिन यदि इसके साथ कम्युनिकेशन फेल या अन्य तकनीकी समस्या भी हो जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
2020 में भी हुआ था बड़ा विमान हादसा
इससे पहले मई 2020 में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) का एक यात्री विमान कराची में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस हादसे में 97 लोगों की मौत हुई थी। बाद की जांच में पायलट, सह-पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की मानवीय गलती को दुर्घटना की प्रमुख वजह माना गया था।
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