उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन भी विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बाधित रही। लगातार व्यवधान के चलते मंगलवार को पेश किए गए 59 हजार करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट पर चर्चा नहीं हो सकी और अंततः विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही पहले आधे घंटे और फिर दोबारा एक बजे तक स्थगित करनी पड़ी। बाद में भी स्थिति सामान्य नहीं होने पर सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
कार्यवाही स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं था और उसका रवैया विकास विरोधी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा नहीं होने दी, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
सदन में हंगामे के बीच कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जबकि अनुपूरक बजट पर चर्चा नहीं हो सकी। दूसरी ओर, विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा मामले पर चर्चा की मांग पर अड़ा रहा और सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर विधान परिषद से बहिर्गमन भी किया।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी समाजवादी पार्टी पर लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान न करने का आरोप लगाया। वहीं, सदन के बाहर सपा नेताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए विभिन्न मुद्दों पर विरोध दर्ज कराया।
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