हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र स्थित फूलगढ़ गांव के पथरेश्वर मंदिर में दो साधुओं की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मंदिर की गद्दी पर कब्जा करने की साजिश और ब्लैकमेलिंग के चलते दोनों साधुओं की हत्या की गई थी। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेसवार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, मंदिर की गद्दी पर नियंत्रण हासिल करने के लिए आरोपियों ने पहले दोनों साधुओं की हत्या की और फिर सबूत मिटाने की नीयत से उनके शव मंदिर परिसर के पास गड्ढा खोदकर दफना दिए।
मामले का खुलासा सोमवार रात उस समय हुआ, जब ऐथल निवासी पंकज ने पुलिस को मंदिर में ठहरे दो साधुओं के लापता होने और हत्या की आशंका की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने खुदाई कर दो शव बरामद किए। मृतकों की पहचान सेवा गिरी (38) और पारस गिरी (40) के रूप में हुई। दोनों उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के शुक्रताल के रहने वाले थे और 14 जुलाई को मंदिर में आयोजित भंडारे में शामिल होने के बाद वहीं ठहरे हुए थे।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 18 जुलाई की रात मंदिर परिसर में कुछ लोगों के साथ दोनों साधुओं को देखा गया था। अगले दिन संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद पुलिस ने पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पूछताछ में हत्या के पीछे मंदिर की गद्दी पर कब्जा और ब्लैकमेलिंग का विवाद सामने आया।
पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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