वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक स्पीडबोट हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। हादसे में जीवित बचे निर्मल कुमार ने उस भयावह मंजर को याद करते हुए बताया कि नाव पलटने के बाद उन्होंने अपने दोस्त को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह नाव के अंदर ही फंस गया। तेज तूफान के बीच हुए इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।
निर्मल कुमार ने बताया कि स्पीडबोट में कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक, तीन चालक दल के सदस्य और एक सहायक शामिल था। नाव होन मे रुत नगोआई द्वीप से एन थोई पोर्ट की ओर जा रही थी। यात्रा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद तेज तूफान आया और स्पीडबोट पलट गई। उन्होंने बताया कि आगे बैठे कुछ यात्री सामने की खिड़की से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन पीछे बैठे 15 लोग नाव के अंदर ही फंस गए और बाहर नहीं निकल सके।
हादसे में जान गंवाने वालों में निर्मल कुमार के करीबी दोस्त मुरुगा प्रभु भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने दोस्त को खिड़की तक लाने और बाहर निकालने की भरसक कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। हादसे के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। निर्मल ने बताया कि शुरुआती चरण में भारतीय दूतावास की ओर से उनसे कोई सीधा संपर्क नहीं हुआ था, जबकि स्थानीय प्रशासन लगातार राहत और जांच कार्य में जुटा रहा।
यह पर्यटक दल लावा मोबाइल्स की ओर से आयोजित एक यात्रा पर वियतनाम गया था। कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि उसके कुछ कर्मचारी और चैनल पार्टनर भी हादसे का शिकार हुए हैं। कंपनी ने बताया कि वह वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है तथा प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए भारत और वियतनाम में मौजूद अपनी टीमों के साथ लगातार समन्वय कर रही है।
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi