श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। चयन के दौरान उम्मीदवारों के प्रशासनिक अनुभव के साथ उनकी नेतृत्व क्षमता, कार्ययोजना और भविष्य की सोच को भी परखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, इंटरव्यू में शामिल अभ्यर्थियों से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के भविष्य के विकास को लेकर विजन डॉक्यूमेंट, विस्तृत कार्ययोजना और महत्वपूर्ण सुझाव मांगे गए हैं। इसके जरिए उम्मीदवारों की दीर्घकालिक सोच और ट्रस्ट के कामकाज को आगे बढ़ाने की क्षमता का आकलन किया जा रहा है।
दो रेफरेंस भी मांगे गए
उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और विश्वसनीयता की जांच के लिए उनसे दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नाम और संपर्क विवरण भी मांगे गए हैं। ये रेफरेंस पेशेवर, सामाजिक या धार्मिक क्षेत्र से जुड़े हो सकते हैं।
इसके अलावा, अभ्यर्थियों से उनकी विशेष उपलब्धियों और अब तक के कार्यों की जानकारी भी ली जा रही है। चयन प्रक्रिया में उम्मीदवार की प्रशासनिक दक्षता के साथ उसकी कार्यशैली, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक समझ पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
केंद्र और संघ की सहमति महत्वपूर्ण
ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, चयन समिति पहले तीन नामों का पैनल तैयार करेगी। इसके बाद अंतिम चयन में केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सहमति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ट्रस्ट ऐसे अधिकारी की तलाश में है, जो धार्मिक आस्था, प्रशासनिक क्षमता और संगठनात्मक दक्षता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सके। इसी वजह से चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों के दीर्घकालिक विजन और श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र के विकास को लेकर उनकी योजनाओं को भी अहमियत दी जा रही है।
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