तिकुनिया कांड को पांच साल पूरे हो गए हैं, लेकिन मामले की कानूनी प्रक्रिया अब भी जारी है। 3 अक्टूबर 2021 को हुई हिंसा में चार किसानों और एक पत्रकार की मौत हुई थी। मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है।
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि गवाहों पर दबाव और धमकियों के कारण कई गवाह अपने पुराने बयानों से पीछे हट गए हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित पक्ष ने दावा किया है कि करीब आठ गवाहों के मुकरने और कुछ गवाहों के इलाके से दूर चले जाने से उनकी पैरवी प्रभावित हुई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्ट में नहीं की गई है।
गवाहों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
पीड़ित परिवारों ने गवाहों को उपलब्ध कराई गई सुरक्षा और गनर हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा में बदलाव के बाद कुछ गवाह अदालत की कार्यवाही में शामिल नहीं हो पाए। वहीं, लखीमपुर खीरी पुलिस का कहना है कि गनर कोर्ट के आदेशों के अनुसार उपलब्ध कराए गए हैं और किसी सुरक्षा संबंधी समस्या की जानकारी मिलने पर उसे देखा जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट भी जता चुका है चिंता
तिकुनिया मामले की सुनवाई की गति और गवाहों से जुड़े मुद्दे हाल के महीनों में सुप्रीम कोर्ट के सामने भी आए हैं। सितंबर 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को मामले की पैरवी कर रहे सरकारी वकील को बदलने का निर्देश दिया। अदालत के सामने यह शिकायत रखी गई थी कि महत्वपूर्ण गवाहों को अभियोजन की ओर से पेश नहीं किया जा रहा है।
मई 2026 में भी सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की धीमी गति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि करीब दो महीने तक ट्रायल कोर्ट में कोई गवाह पेश नहीं हुआ था।
2021 में क्या हुआ था?
3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। मामले में आरोप है कि वाहनों के काफिले ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को कुचला, जिसमें चार किसानों और एक पत्रकार की मौत हुई। इसके बाद हुई हिंसा में तीन अन्य लोगों की भी मौत हुई थी। मामले की सुनवाई अदालत में जारी है और आरोपियों के खिलाफ अंतिम फैसला अभी नहीं आया है।
अजय मिश्रा टेनी ने आरोपों से किया इनकार
अजय मिश्रा टेनी ने गवाहों को धमकाने समेत लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि आरोपों का जवाब अदालत में दिया जाएगा और सच सामने आएगा। वहीं, पीड़ित परिवार मामले में जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।
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