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राम मंदिर को लेकर संतों की बढ़ी सक्रियता, बोले- ट्रस्ट को बदनाम करने की हो रही साजिश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर जारी सियासी विवाद के बीच अब संत समाज खुलकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के समर्थन में उतर आया है। मणिराम दास छावनी में आयोजित संतों की बैठक में विपक्षी दलों पर ट्रस्ट, राम मंदिर और संत समाज की छवि धूमिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया। साथ ही लोगों से जांच पूरी होने तक संयम बरतने और अफवाहों से बचने की अपील की गई।

बैठक के बाद महंत वैदेही बल्लभ शरण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने निष्पक्ष जांच कराई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई अन्य व्यक्ति भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कुछ लोगों की करतूत के आधार पर पूरे ट्रस्ट और संत समाज पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

महंत मनीष दास ने कहा कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है और एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देकर अयोध्या और राम मंदिर की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने भी न्यायिक प्रक्रिया और एसआईटी जांच पर भरोसा जताने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदियों के संघर्ष और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से बने राम मंदिर को एक घटना के आधार पर बदनाम करना उचित नहीं है। उन्होंने राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से भी अनावश्यक बयानबाजी से बचने का आग्रह किया।

बैठक में संत समाज ने निर्णय लिया कि अब हर महीने दो बार बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में राम मंदिर, सनातन धर्म और सामाजिक विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही संत अपने-अपने मठों और आश्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सही और सत्यापित जानकारी उपलब्ध कराएंगे, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम न फैले।

संतों ने यह भी कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नवगठित धर्म समिति राम मंदिर और सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार का तथ्यात्मक जवाब देगी तथा संत समाज के बीच समन्वय स्थापित करने का कार्य करेगी।

उधर, चढ़ावा चोरी मामले की जांच नई एसआईटी के गठन की प्रक्रिया पूरी होने तक धीमी पड़ गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नई जांच टीम गठित की जा रही है, जिसे अब तक जुटाए गए साक्ष्य, दर्ज बयान और अन्य दस्तावेज सौंपे जाएंगे। इसके बाद नई एसआईटी आगे की जांच और पूछताछ की दिशा तय करेगी।

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