Tuesday , September 15 2026

एशियाड की तैयारी के बीच रुमेश पाथिरागे की जैवलिन टूटी, हंगरी से वापसी के दौरान हुआ नुकसान

वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप जीतने के बाद श्रीलंका के जैवलिन स्टार रुमेश थरंगा पाथिरागे को घर लौटते समय अप्रत्याशित झटका लगा। हंगरी से श्रीलंका लौटने के दौरान उनकी चार प्रतियोगिता जैवलिन खराब हो गईं। पाथिरागे ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए इसे ‘बैड लक’ बताया और एयरलाइन की आलोचना भी की।

हालांकि, पाथिरागे ने इस नुकसान को लेकर ज्यादा चिंता नहीं जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा हो जाता है और वह आगे बढ़ेंगे। इस घटना को लेकर एयरलाइन में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

सोशल मीडिया पर साझा की टूटी जैवलिन की तस्वीर

पाथिरागे ने अपनी खराब हुई जैवलिन की तस्वीरें इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा कीं। एक पोस्ट में उन्होंने ‘बैड लक’ लिखा। इसके बाद एक अन्य स्टोरी में उन्होंने तुर्किश एयरलाइंस की आलोचना करते हुए ‘थैंक यू टर्किश एयरलाइंस’ लिखा।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में एयरलाइन के पास शिकायत दर्ज कराई गई है। पाथिरागे ने बताया कि जिन जैवलिन का उन्होंने 90 से अधिक थ्रो के लिए इस्तेमाल किया था, वे खराब हो गईं।

उन्होंने कहा कि संभव है कि इसमें एयरलाइन की गलती हो, लेकिन यह खेल का हिस्सा है और वह आगे बढ़ेंगे।

91.09 मीटर के थ्रो से जीता खिताब

जैवलिन के खराब होने की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब पाथिरागे शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने रविवार को बुडापेस्ट में वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में 91.09 मीटर का थ्रो कर खिताब जीता।

इस सीजन में यह तीसरी बार था, जब पाथिरागे ने 90 मीटर का आंकड़ा पार किया। इससे पहले उन्होंने जून में रोम में 92.62 मीटर का श्रीलंकाई राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद पिछले महीने ज्यूरिख डायमंड लीग में 92.07 मीटर का थ्रो कर खिताब अपने नाम किया।

इस साल 12 में से 11 प्रतियोगिताएं जीतीं

पाथिरागे का इस साल जैवलिन में दबदबा देखने को मिला है। उन्होंने अपनी 12 प्रतियोगिताओं में से 11 में जीत दर्ज की है। कॉमनवेल्थ गेम्स के अलावा उन्होंने डायमंड लीग सर्किट में रोम, दोहा, लॉजेन और ज्यूरिख में भी जीत हासिल की।

वह डायमंड लीग फाइनल जीतने वाले पहले श्रीलंकाई खिलाड़ी भी बने। उनके लगातार शानदार प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय जैवलिन सर्किट में मजबूत दावेदार बना दिया है।

पाथिरागे के प्रदर्शन ने उन्हें भारत के नीरज चोपड़ा समेत दुनिया के शीर्ष जैवलिन थ्रोअरों के बीच एक बड़ी चुनौती के रूप में स्थापित किया है।

एशियाड से पहले घटना ने बढ़ाई चिंता

पाथिरागे की जैवलिन का खराब होना ऐसे समय हुआ है, जब एशियाई खेलों को लेकर तैयारियां चल रही हैं। प्रतियोगिता में इस्तेमाल होने वाली जैवलिन खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं, खासकर तब जब वे लगातार उच्च स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हों।

हालांकि पाथिरागे ने इस घटना को ज्यादा तूल नहीं दिया है। उनका कहना है कि वह इस नुकसान को पीछे छोड़कर आगे बढ़ेंगे। अब देखना होगा कि आगे की प्रतियोगिताओं और एशियाड से पहले वह अपने अभ्यास और प्रतियोगिता उपकरणों की व्यवस्था किस तरह करते हैं।

Check Also

विदेशी धरती पर पाकिस्तान का बुरा हाल, 12 टेस्ट में महज एक जीत; चार साल में छठा क्लीन स्वीप

एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय वुशु टीम से बाहर की गईं 18 वर्षीय खिलाड़ी ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *