सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के वीर जवान अभिषेक यादव का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर करीब दो बजे उनके गांव बमरौली अहीर पहुंचा। तिरंगे में लिपटे वीर सपूत के पार्थिव शरीर को देखते ही गांव का माहौल गमगीन हो गया। युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकालकर अभिषेक यादव को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
बिहार के सुपौल स्थित एसएसबी ट्रेनिंग सेंटर से उपनिरीक्षक केवल सिंह के साथ जवानों की टीम अभिषेक का पार्थिव शरीर लेकर आगरा पहुंची थी। इसके बाद युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकाली और पार्थिव शरीर को बमरौली अहीर स्थित उनके गांव ले जाया गया। गांव में भी लोगों ने तिरंगे के साथ वीर जवान को अंतिम विदाई दी।
ट्रेनिंग के दौरान हुई थी जवान की मौत
अभिषेक यादव की शनिवार को बिहार के सुपौल में ट्रेनिंग के दौरान मौत हो गई थी। सोमवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हुईं। अंतिम संस्कार के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के गांवों के लोग पहुंचे।
अंत्येष्टि स्थल पर ग्रामीणों ने शहीद स्मारक बनाने और इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके साथ ही उन्होंने रोहता से बरौली अहीर और रोहता से बमरौली अहीर जाने वाले मुख्य मार्ग का नाम ‘अभिषेक यादव मार्ग’ रखने की मांग की।
मांगों को लेकर करीब तीन घंटे रुका अंतिम संस्कार
ग्रामीणों की मांगों को लेकर करीब तीन घंटे तक अंतिम संस्कार नहीं हो सका। सूचना मिलने पर तहसील सदर के उप जिलाधिकारी विक्रम सिंह राघव, तहसीलदार सत्येंद्र कुमार, नायब तहसीलदार समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।
इस दौरान ग्रामीणों और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के बीच कहासुनी भी हुई। करीब तीन घंटे की बातचीत के बाद ब्लॉक प्रमुख बिचपुरी के पति सोनू दिवाकर ने संपूर्ण श्मशान घाट का सौंदर्यीकरण कराने की बात कही। इसके बाद गांव के बुजुर्गों के समझाने पर ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
एसएसबी के जवानों ने दी अंतिम सलामी
अभिषेक यादव को अंतिम विदाई देने के लिए लखनऊ और सुपौल से एसएसबी के करीब 20 जवानों की टुकड़ी भी गांव पहुंची। मातमी धुन के बीच एसएसबी जवानों ने अपने साथी को अंतिम सलामी दी। इस दौरान हजारों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और आसपास के गांवों के लोग मौजूद रहे।
अंतिम यात्रा के दौरान ‘अभिषेक यादव अमर रहें’ और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, अभिषेक तेरा नाम रहेगा’ जैसे नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। वीर जवान को अंतिम विदाई देते समय परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं।
छोटे भाई सुमित ने दी मुखाग्नि
शाम करीब 6:30 बजे अभिषेक यादव के छोटे भाई सुमित यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी। इसके साथ ही एसएसबी जवान अभिषेक यादव पंचतत्व में विलीन हो गए। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भावुक नजर आए।
अंतिम संस्कार में सांसद राजकुमार चाहर के पुत्र परमवीर सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सोनू दिवाकर, पूर्व विधायक कालीचरण सुमन समेत कई जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक और ग्रामीण मौजूद रहे। मलपुरा थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे।
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