प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर युवाओं से जुड़ने के लिए अपनी डिजिटल रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। लंबे समय तक सरकारी कार्यक्रमों, विदेश दौरों और औपचारिक संबोधनों तक सीमित रहने वाले उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर अब रील स्टाइल और मोबाइल कैमरे के सामने सीधे संवाद वाले छोटे वीडियो देखने को मिल रहे हैं। इस नए फॉर्मेट को सोशल मीडिया पर तेज प्रतिक्रिया मिली है और इंस्टाग्राम पर उनके फॉलोअर्स तथा एंगेजमेंट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हाल के दिनों में प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम पर ऐसे वीडियो साझा किए, जिनमें वे बिना मंच या औपचारिक व्यवस्था के सीधे कैमरे से बातचीत करते नजर आए। सोशल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि यह फॉर्मेट जेन-जी और युवा इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय है। इसी वजह से इन वीडियो को रिकॉर्ड स्तर पर देखा गया और बड़ी संख्या में नए यूजर्स उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़े।
आंकड़ों के अनुसार, कुछ ही दिनों में प्रधानमंत्री के इंस्टाग्राम अकाउंट पर लाखों नए फॉलोअर्स जुड़े। एक सप्ताह के भीतर फॉलोअर्स की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई, जबकि वीडियो पर लाइक्स, कमेंट्स और शेयरिंग के आंकड़ों में भी बड़ा उछाल देखने को मिला। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी साप्ताहिक एंगेजमेंट दर पहले की तुलना में काफी बढ़ गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि नए कंटेंट फॉर्मेट को दर्शकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
जानकारों का कहना है कि भारत इंस्टाग्राम का दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है, जहां करोड़ों युवा नियमित रूप से रील्स और शॉर्ट वीडियो देखते हैं। 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के यूजर्स इस प्लेटफॉर्म पर सबसे अधिक सक्रिय हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री का रील आधारित संवाद केवल सोशल मीडिया प्रयोग नहीं, बल्कि युवाओं तक सीधे पहुंच बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी संगठन और कई जनप्रतिनिधियों को भी युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने के लिए छोटे वीडियो और रील्स जैसे डिजिटल माध्यमों का अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में विभिन्न नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी इसी तरह का कंटेंट देखने को मिल सकता है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2014 से इंस्टाग्राम पर सक्रिय हैं। शुरुआती वर्षों में उनके पोस्ट मुख्य रूप से सरकारी कार्यक्रमों, विदेश यात्राओं, विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक आयोजनों पर केंद्रित रहे। समय के साथ उन्होंने वीडियो कंटेंट को भी अपनाया, लेकिन हाल में सामने आया मोबाइल-फर्स्ट और रील स्टाइल संवाद उनकी सोशल मीडिया यात्रा का सबसे अलग और नया प्रयोग माना जा रहा है।
डिजिटल कम्युनिकेशन विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती सोशल मीडिया आदतों के बीच यह रणनीति युवाओं से सीधे जुड़ने और उनकी पसंद के अनुरूप संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया फॉर्मेट डिजिटल राजनीति और जनसंपर्क के क्षेत्र में कितना प्रभाव छोड़ता है।
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