Tuesday , September 15 2026

MCD चुनाव में आज फैसला, 12 वार्ड समितियों के लिए मतदान; चार सीटों पर सियासी रोमांच चरम पर

दिल्ली नगर निगम (MCD) की 12 वार्ड समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए बुधवार को मतदान होगा। अधिकांश वार्ड समितियों में जीत की तस्वीर लगभग साफ मानी जा रही है, लेकिन रोहिणी, शहरी-सदर पहाड़गंज, पश्चिमी और दक्षिणी वार्ड समितियों में मुकाबला बेहद दिलचस्प रहने की संभावना है। इन समितियों के नतीजे भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच राजनीतिक ताकत का संकेत भी माने जा रहे हैं।

चार वार्ड समितियों पर टिकीं निगाहें

रोहिणी और दक्षिणी वार्ड समितियों में किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। ऐसे में कांग्रेस पार्षदों का समर्थन जीत-हार तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। वहीं पश्चिमी वार्ड समिति में आम आदमी पार्टी को मामूली बढ़त हासिल है, लेकिन भाजपा केवल एक पार्षद पीछे है। ऐसे में क्रॉस वोटिंग की स्थिति में मुकाबले का परिणाम बदल सकता है।

शहरी-सदर पहाड़गंज वार्ड समिति में भी राजनीतिक समीकरण दिलचस्प बने हुए हैं। यहां आम आदमी पार्टी के पास सात, भाजपा के चार और अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक का एक पार्षद है। भाजपा को उम्मीद है कि यदि क्रॉस वोटिंग हुई तो मुकाबला उसके पक्ष में जा सकता है।

दो समितियों में निर्विरोध चुनाव तय

करोल बाग वार्ड समिति में भाजपा ने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं, जिससे आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। वहीं केशवपुरम वार्ड समिति में आम आदमी पार्टी ने प्रत्याशी नहीं उतारे हैं, जिसके चलते भाजपा उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत तय मानी जा रही है।

भाजपा ने पार्षदों को किया सतर्क

चुनाव से पहले भाजपा ने अपने सभी पार्षदों की बैठक बुलाकर पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई पार्षद अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ मतदान करता है या पार्टी लाइन से हटकर कार्य करता है तो उसके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस की भूमिका बनी निर्णायक

इस बार वार्ड समिति चुनाव में कांग्रेस को ‘किंगमेकर’ माना जा रहा है। खासकर रोहिणी और दक्षिणी वार्ड समितियों में कांग्रेस के पार्षद परिणाम तय करने की स्थिति में हैं। हालांकि पार्टी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह किस दल का समर्थन करेगी। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने अपने पार्षदों को स्थानीय परिस्थितियों और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की सलाह दी है।

वार्ड समिति चुनाव के नतीजों पर भाजपा और आम आदमी पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस की रणनीति पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Check Also

नकली सिक्कों की फैक्टरी का खुलासा, लागत पांच रुपये और कमीशन 400 रुपये; 25 साल पुराना नेटवर्क आया सामने

जाली नोटों के बाद अब नकली सिक्कों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। सहारनपुर ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *