वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार तेजी से नए दौर में प्रवेश कर रहा है। बढ़ती महंगाई, ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताएं, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती मांग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों का असर पूरी ऑटो इंडस्ट्री की दिशा बदल रहा है। मैकिन्से (McKinsey) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आने वाले वर्षों में किफायती कीमत, स्मार्ट टेक्नोलॉजी और आधुनिक मोबिलिटी समाधान ऑटो बाजार की सबसे बड़ी ताकत बनेंगे।
रिपोर्ट चीन, अमेरिका, जापान, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के 20,000 से अधिक उपभोक्ताओं पर किए गए सर्वे पर आधारित है। इसमें सामने आया कि बढ़ती महंगाई के कारण बड़ी संख्या में लोग नई कार खरीदने का फैसला टाल रहे हैं, जबकि कई ग्राहक बजट में फिट होने के लिए छोटे वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। इसके बावजूद खरीदार आधुनिक फीचर्स और बेहतर गुणवत्ता से समझौता करने के लिए तैयार नहीं हैं।
सर्वे के मुताबिक करीब 60 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने कहा कि वाहन खरीदते समय उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण “वैल्यू फॉर मनी” है। वहीं 32 प्रतिशत लोगों ने आर्थिक कारणों से फिलहाल नई कार खरीदने का फैसला टालने की बात कही, जबकि 45 प्रतिशत ग्राहक अब पहले से छोटे वाहन खरीदने पर विचार कर रहे हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। चीन में 80 प्रतिशत से अधिक लोगों ने अगली कार EV होने की संभावना जताई है। यूरोप में करीब आधे उपभोक्ता इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के इच्छुक हैं, जबकि जापान और अमेरिका में भी EV को लेकर रुचि लगातार बढ़ रही है। हालांकि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी लाइफ और कीमत अभी भी कई ग्राहकों की प्रमुख चिंता बनी हुई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अब AI, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) और सेल्फ-ड्राइविंग जैसी तकनीकें ग्राहकों के फैसले को प्रभावित कर रही हैं। सर्वे में शामिल हर चार में से एक व्यक्ति ने कहा कि बेहतर सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक मिलने पर वह अपना पसंदीदा वाहन ब्रांड भी बदल सकता है।
इसके साथ ही ग्राहकों की ब्रांड लॉयल्टी भी पहले की तुलना में कमजोर पड़ रही है। लगभग 28 प्रतिशत लोगों ने अगली बार दूसरी कंपनी की कार खरीदने की संभावना जताई है। प्रतिस्पर्धी कीमत और नई तकनीकों के दम पर खासकर चीनी ऑटो कंपनियां तेजी से वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार भविष्य में वाहन खरीदने का तरीका भी बदल जाएगा। ग्राहक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, AI आधारित टूल्स और ऑफलाइन शोरूम—तीनों का इस्तेमाल कर वाहन चुन रहे हैं। वहीं साझा स्वचालित वाहन (Shared Autonomous Vehicles) और माइक्रो मोबिलिटी जैसे नए विकल्प भी भविष्य के परिवहन तंत्र का अहम हिस्सा बन सकते हैं।
मैकिन्से का मानना है कि आने वाले समय में वही ऑटो कंपनियां बाजार में आगे रहेंगी जो किफायती कीमत, आधुनिक तकनीक, बेहतर ग्राहक अनुभव और लचीले मोबिलिटी समाधान का संतुलित मिश्रण ग्राहकों को उपलब्ध कराएंगी।
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