बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा पार्टी में शामिल करने और राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपने के बाद मीडिया में चल रही खबरों पर सफाई दी है। मायावती ने कहा कि आकाश आनंद की वापसी को लेकर कई रिपोर्टों में पूरे घटनाक्रम की सही तस्वीर सामने नहीं आई है।
मायावती के अनुसार, आकाश आनंद शादी से पहले से ही बसपा में सक्रिय थे और उस समय उनके खिलाफ पार्टी को कोई शिकायत नहीं मिली थी। इसी वजह से उन्हें संगठन से अलग करने की जरूरत नहीं पड़ी।
अशोक सिद्धार्थ से रिश्ते के बाद विवाद का जिक्र
मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ रिश्ता होने के बाद ऐसी परिस्थितियां बनीं, जिनके चलते आकाश आनंद के राजनीतिक आचरण में सुधार के लिए संगठन स्तर पर कई फैसले लेने पड़े।
उन्होंने कहा कि आकाश को अपनी गलतियों का एहसास होने के बाद उन्हें दोबारा जिम्मेदारी भी दी गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आकाश आनंद को पहले भी पार्टी से अलग किया गया और बाद में वापस लिया गया था। सितंबर 2026 में उन्हें फिर संगठन से बाहर किया गया था, जिसके बाद पांच अक्तूबर को मायावती ने उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल कर राष्ट्रीय संयोजक बनाया।
अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद बदलाव की उम्मीद
मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद अब ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए, जिसमें आकाश आनंद को दोबारा संगठन से अलग करने की जरूरत पड़े। उन्होंने उम्मीद जताई कि आकाश आनंद आगे पार्टी के लिए काम करेंगे और राजनीतिक रूप से आगे बढ़ेंगे।
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