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अयोध्या में पितृपक्ष के दौरान बढ़ी चहल-पहल, राम मंदिर में दानदाताओं की संख्या में इजाफा

पितृपक्ष के दौरान अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। रामलला के दर्शन के लिए रोजाना करीब एक लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बीते तीन दिनों में ही तीन लाख से अधिक लोगों ने राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए हैं।

पिछले महीने जहां रोजाना करीब 60 से 70 हजार श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग एक लाख हो गई है। देश के अलग-अलग राज्यों के साथ विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

तीन दिनों में तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

आंकड़ों के मुताबिक, दो अक्तूबर को 1.14 लाख, तीन अक्तूबर को 1.04 लाख और चार अक्तूबर को करीब 93 हजार श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। इस दौरान मलेशिया से 25, कनाडा से छह समेत करीब 70 विदेशी श्रद्धालु भी मंदिर पहुंचे।

बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु समूहों में अयोध्या पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु अपने-अपने क्षेत्रीय भाषाओं में भजन गाते हुए नजर आ रहे हैं।

राम मंदिर में रोजाना 20 लाख रुपये से अधिक दान

श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ राम मंदिर में दान और चढ़ावे में भी तेजी आई है। चढ़ावा चोरी की घटना के बाद मंदिर में दान की राशि में कमी आई थी और रोजाना करीब चार से पांच लाख रुपये तक दान प्राप्त हो रहा था।

अब दान की राशि में दोबारा बढ़ोतरी हुई है। 20 सितंबर से दो अक्तूबर के बीच अलग-अलग माध्यमों से रामलला को करीब 1.20 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ। मौजूदा समय में मंदिर में रोजाना 20 लाख रुपये से अधिक का दान आने की जानकारी दी गई है।

नवरात्रि और दीपोत्सव को लेकर बढ़ेगी भीड़

पितृपक्ष के बाद शारदीय नवरात्रि, दशहरा और दीपोत्सव के चलते अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। रामपथ, राम जन्मभूमि परिसर और प्रमुख मंदिरों के आसपास अभी से श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई देने लगी है।

स्थानीय कारोबार को भी फायदा

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का असर अयोध्या के स्थानीय कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। प्रसाद, फूल-माला, रामनामी वस्त्र, धार्मिक पुस्तकों और खिलौनों की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा होटल, धर्मशाला, होमस्टे, रेस्टोरेंट, ऑटो और ई-रिक्शा संचालकों को भी बढ़ी हुई भीड़ का लाभ मिल रहा है।

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