भारतीय क्रिकेटर यश दयाल को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ गाजियाबाद की ट्रायल कोर्ट में चल रही दुष्कर्म मामले की आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार पचोरी की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान दिया।
मामला वर्ष 2025 में दर्ज उस एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की एक महिला ने यश दयाल पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की, जिसके बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोप पत्र का संज्ञान लेते हुए समन जारी किया था।
यश दयाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस की चार्जशीट और ट्रायल कोर्ट के संज्ञान एवं समन आदेश को चुनौती दी। उनके अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि दोनों के बीच संबंध आपसी सहमति से थे और शुरुआत में शादी का कोई वादा नहीं किया गया था। साथ ही यह भी कहा गया कि शिकायतकर्ता और गवाहों के बयानों में शादी के आश्वासन का उल्लेख नहीं है तथा प्रसिद्धि मिलने के बाद धन उगाही के उद्देश्य से मामला दर्ज कराया गया।
गौरतलब है कि इससे पहले 15 जुलाई 2025 को भी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसी मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यश दयाल की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी। अब ताजा आदेश के बाद ट्रायल कोर्ट में चल रही पूरी आपराधिक कार्यवाही भी फिलहाल स्थगित रहेगी।
इस बीच, क्रिकेट करियर को लेकर भी यश दयाल ने बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम का साथ छोड़ने के बाद अब वह घरेलू क्रिकेट में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके लिए वह छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के प्रशिक्षण शिविर से जुड़ चुके हैं और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
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