सप्ताह की शुरुआत सर्राफा बाजार के लिए शानदार रही। सोमवार को दिल्ली के बुलियन बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते सोना 2,440 रुपये और चांदी 5,300 रुपये महंगी हो गई। लगातार दो कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद आई इस तेजी ने बाजार में नई ऊर्जा भर दी है।
अखिल भारतीय सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 2,440 रुपये की बढ़त के साथ 1,49,640 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 1,47,200 रुपये प्रति 10 ग्राम था। वहीं चांदी की कीमत में 5,300 रुपये का उछाल आया और यह 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इससे पहले चांदी 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में आए बदलाव ने बुलियन बाजार को मजबूती दी है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुईं। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने भी सोने और चांदी की मांग को समर्थन दिया।
कमोडिटी विश्लेषकों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है। हालांकि भारतीय रुपये की डॉलर के मुकाबले मजबूती के कारण घरेलू बाजार में कीमतों की बढ़ोतरी कुछ हद तक सीमित रही, लेकिन वैश्विक तेजी का असर साफ तौर पर देखने को मिला।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो स्पॉट गोल्ड में करीब 1.04 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 4,095 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं स्पॉट सिल्वर भी करीब 1.47 प्रतिशत चढ़कर 59 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। इन मजबूत वैश्विक संकेतों का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बुलियन बाजार की दिशा कई वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर अमेरिका, यूरोप और जापान से आने वाले महंगाई के आंकड़ों, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के डेटा, अमेरिकी रोजगार से जुड़े संकेतकों और प्रमुख केंद्रीय बैंकों—फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड तथा बैंक ऑफ जापान—की मौद्रिक नीति बैठकों पर रहेगी। इन फैसलों के आधार पर सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे वैश्विक आर्थिक संकेतों और केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर लगातार नजर रखें, क्योंकि आने वाले दिनों में यही कारक बुलियन बाजार की चाल तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे।
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