उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी इलाकों में जनजीवन और यातायात को प्रभावित कर दिया है। रुद्रप्रयाग, मसूरी और चमोली समेत कई क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाओं के कारण सड़क और पैदल मार्ग बाधित हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।
रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड से करीब एक किलोमीटर आगे छौड़ी के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर बोल्डर और पत्थर गिरने से आवाजाही रोक दी गई है। यात्रियों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है, जबकि मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए राहत और बहाली का कार्य जारी है।
वहीं, मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और एक पेड़ गिरने से यातायात करीब दो घंटे तक बाधित रहा। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को फिर से खोल दिया। हालांकि, सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण फिलहाल वाहनों की आवाजाही एक लेन से कराई जा रही है।
चमोली जिले में कर्णप्रयाग-नेनीसैंण मोटर मार्ग भी आईटीआई के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण बंद हो गया है। मार्ग बंद होने से लोगों को सिमली-डिम्मर मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
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