कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के मामले में दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 9 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए उन वीडियो के आधार पर की है, जिनमें प्रदर्शनकारियों पर आरएएफ (RAF) जवानों का पीछा करने और उन पर हमला करने के आरोप लगे हैं।
जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच मंगलवार को प्रदर्शनकारी फिर बड़ी संख्या में एकत्र हुए और दोबारा मंच तैयार कर विरोध प्रदर्शन जारी रखा। वहीं, पुलिस और छात्रों के बीच हुई झड़प में घायल लोगों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। आरएमएल अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, करीब 110 छात्रों और 40 पुलिसकर्मियों का उपचार किया गया। कई लोगों को सिर, हाथ, पैर और आंख में चोटें आई हैं, जबकि कुछ मामलों में फ्रैक्चर और टांके लगाने की नौबत भी आई।
इस बीच, जेएनयू छात्र संघ ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला और दिल्ली पुलिस आयुक्त व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। छात्र संगठन ने प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, आंसू गैस और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
वहीं, सीजेपी ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को वायरल वीडियो सामने आने के बाद सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से हटा दिया है। पार्टी ने उनके आचरण को संगठन के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए कार्रवाई की जानकारी दी।
उधर, आंदोलन को समर्थन देने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें मुंबई के एक व्यक्ति द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए ऑनलाइन भोजन भेजे जाने की जानकारी सामने आई।
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