फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की निर्मम हत्या के मामले में जिला अदालत ने दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर मामले को ‘दुर्लभतम से दुर्लभ’ श्रेणी का अपराध मानते हुए यह फैसला सुनाया।
यह वारदात 30 मई 2026 को शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में हुई थी। मूल रूप से अरांव के गांव बामई निवासी रति शर्मा अपने पति से विवाद के चलते मायके में रह रही थीं। वह अपनी मां के साथ कानूनी सलाह लेने शिकोहाबाद गई थीं और इस दौरान अपनी मुंहबोली मौसी के घर रुकी थीं।
इसी दौरान बदायूं निवासी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक वहां पहुंचा। उसने रति शर्मा के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन इनकार मिलने के बाद बदला लेने की साजिश रच डाली। आरोपी डेढ़ साल के मासूम आरव को टॉफी दिलाने के बहाने घर से बाहर ले गया और करीब 50 मीटर दूर सुनसान सड़क पर 27 सेकंड के भीतर उसे आठ बार सड़क पर पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज, वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत पक्ष रखा। अदालत ने इन्हें पर्याप्त मानते हुए विराज को हत्या का दोषी करार दिया और फांसी की सजा के साथ 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
सजा सुनाए जाने के बाद दोषी अदालत में रो पड़ा। वहीं, मासूम आरव के परिजनों ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए इसे न्याय की जीत बताया।
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