नई दिल्ली: एचडीएफसी बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन ने बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे को बैंक के लिए बड़ी चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से बैंक के कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर बाजार और निवेशकों के बीच सवाल उठे, लेकिन बोर्ड ने तत्काल कदम उठाकर पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई।
जगदीशन के मुताबिक, अतानु चक्रवर्ती ने 18 मार्च 2026 को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही ‘नैतिक चिंताओं’ का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था। उनके इस्तीफे और उसमें लगाए गए आरोपों के बाद बैंक के प्रशासनिक ढांचे को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए बैंक बोर्ड ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानून फर्मों की नियुक्ति की। 26 जून 2026 को जारी जांच रिपोर्ट में निष्कर्ष निकला कि इस्तीफे के पत्र में लगाए गए आरोप और उनके निहितार्थ उपलब्ध दस्तावेजों तथा गवाहों के बयानों से पुष्ट नहीं हुए।
इस बीच, बैंक ने नए पार्ट-टाइम चेयरमैन के रूप में राजीव कुमार का स्वागत किया है। बैंक का कहना है कि उनके व्यापक प्रशासनिक और वित्तीय अनुभव से कॉर्पोरेट गवर्नेंस को और मजबूती मिलेगी। साथ ही आंतरिक नियंत्रण प्रणाली और जोखिम प्रबंधन ढांचे को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है।
जगदीशन ने भरोसा जताया कि प्रशासनिक चुनौतियों के बावजूद बैंक का कारोबार मजबूत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि बैंक ने एडवांस, जमा और मुनाफे में निरंतर वृद्धि दर्ज की है तथा कॉर्पोरेट गवर्नेंस के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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