Tuesday , September 15 2026

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे क्या हुआ? कैलाश विजयवर्गीय ने बताई फैसले तक पहुंचने की पूरी कहानी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि छात्र आंदोलन शुरू होने के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन उस समय भाजपा नेतृत्व ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया था।

इंदौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान विजयवर्गीय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने पार्टी नेतृत्व से कहा था कि यदि संगठन को उचित लगे तो वह शिक्षा मंत्री का पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने उस समय उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया कि इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं हुआ है, इसलिए न तो इस्तीफा दें और न ही इस विषय पर सार्वजनिक चर्चा करें।

विजयवर्गीय के अनुसार, बाद में परिस्थितियां बदलने पर पार्टी नेतृत्व ने इस्तीफा स्वीकार करने का फैसला लिया, जिसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने तुरंत पद छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि प्रधान ने अपने पूरे कार्यकाल में ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम किया।

इस दौरान विजयवर्गीय ने यह भी दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन ताकतों की मंशा को विफल करने वाला कदम साबित हुआ, जो देश में अस्थिरता और हिंसा फैलाना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने परिस्थितियों को देखते हुए उचित समय पर फैसला लिया।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि छात्र आंदोलन के बाद विपक्ष जिस तरह जश्न मना रहा है, उससे उसकी राजनीति स्पष्ट होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन छात्रों ने शुरू किया था, जबकि कांग्रेस बाद में उससे जुड़ने की कोशिश करती रही।

वहीं, राहुल गांधी के आरएसएस पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि राहुल गांधी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समझने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में आरएसएस का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

Check Also

मुरादाबाद की फैक्टरी में आग से अफरा-तफरी, दो किमी दूर तक दिखाई दिया धुआं; इलाका कराया खाली

मुरादाबाद के कटघर क्षेत्र में रामपुर दोराहा स्थित आरएच इंटरनेशनल फैक्टरी में सोमवार सुबह भीषण ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *