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FTA लागू होते ही बदलेगा व्यापार का समीकरण, जानिए भारत को क्या फायदा और UK से क्या होगा सस्ता

भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) बुधवार से लागू हो गया। इस समझौते के लागू होने के साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सेवा क्षेत्र में नए अवसर खुलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे भारतीय निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा, जबकि ब्रिटेन के कई उत्पाद भारतीय बाजार में पहले की तुलना में सस्ते हो जाएंगे।

भारत को क्या मिलेगा फायदा?

एफटीए के तहत ब्रिटेन को होने वाले भारत के 99 फीसदी निर्यात पर टैरिफ समाप्त कर दिया जाएगा। इससे भारतीय वस्त्र, आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, चमड़ा, खाद्य उत्पाद और अन्य निर्यात क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत का निर्यात 10 से 12 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है।

सेवा क्षेत्र को भी इस समझौते से लाभ मिलेगा। आईटी, वित्तीय सेवाएं, शिक्षा, योग प्रशिक्षक, शेफ और अन्य पेशेवरों के लिए ब्रिटेन में नए अवसर खुलेंगे। साथ ही, ब्रिटेन में कार्यरत भारतीय पेशेवरों को तीन वर्ष तक सामाजिक सुरक्षा अंशदान (Social Security Contribution) से छूट मिलेगी, जिससे भारतीय कंपनियों और कर्मचारियों की लागत कम होगी।

ब्रिटेन को क्या फायदा होगा?

भारत ने ब्रिटेन से आयात होने वाले करीब 90 फीसदी उत्पादों और सेवाओं पर चरणबद्ध तरीके से टैरिफ कम करने पर सहमति दी है। इसका सबसे बड़ा फायदा स्कॉच व्हिस्की को मिलेगा। इस पर लगने वाला आयात शुल्क 150 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी किया जाएगा और अगले दस वर्षों में इसे 40 फीसदी तक लाया जाएगा।

इसके अलावा ब्रिटेन से आयात होने वाली कारें, मेडिकल उपकरण, कॉस्मेटिक्स, फार्मा उत्पाद, एयरक्राफ्ट पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक सामान, चॉकलेट, बिस्किट, सैल्मन और अन्य खाद्य उत्पाद भी पहले की तुलना में सस्ते हो सकते हैं।

निवेश और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

एफटीए के तहत ब्रिटिश कंपनियों को भारत के कई गैर-संवेदनशील क्षेत्रों में निवेश और कारोबार के अधिक अवसर मिलेंगे। बैंकिंग, बीमा, दूरसंचार, निर्माण और पेशेवर सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश आसान होगा। वहीं भारतीय कंपनियों को भी ब्रिटेन में कारोबार विस्तार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

संवेदनशील क्षेत्रों को रखा गया बाहर

भारत ने अपने कृषि और डेयरी क्षेत्र को इस समझौते से बाहर रखा है। इसके अलावा सेब, चीज, ओट्स, खाद्य तेल, प्लास्टिक, हीरा, चांदी, स्मार्टफोन, ऑप्टिकल फाइबर, कैमरा ट्यूब और कुछ अन्य संवेदनशील उत्पादों को भी एफटीए के दायरे से बाहर रखा गया है या उन पर टैरिफ में कटौती के लिए लंबी समयसीमा तय की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति देगा और व्यापार के साथ-साथ निवेश तथा रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करेगा।

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