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मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: अमेरिका ने 11वीं रात ईरान को बनाया निशाना, होर्मुज को लेकर बड़ा बयान

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, कार्रवाई का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरानी खतरे को कम करना है। अमेरिका का दावा है कि पिछले तीन महीनों में ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाले 30 से अधिक कारोबारी जहाजों को निशाना बनाया है।

इसी बीच ईरान के इलाम, हमदान, चाबहार और कोनारक समेत कई इलाकों में भी हवाई हमलों की खबरें सामने आई हैं। ईरानी अधिकारियों ने कई हमलों की पुष्टि करते हुए कहा है कि राहत और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है, हालांकि अधिकांश स्थानों पर किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है।

उधर, ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के खिलाफ नया मोर्चा खोलते हुए समुद्री नाकाबंदी का ऐलान किया है। बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से दूर रहने की चेतावनी के बाद कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों को अपना मार्ग बदलना पड़ा है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

कूटनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज है। ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी ने पाकिस्तान का दौरा कर सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान बातचीत की कोशिश कर रहा है, लेकिन अमेरिका तभी वार्ता करेगा जब तेहरान सार्थक चर्चा के लिए तैयार होगा।

दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि ईरान के साथ जारी युद्ध पर अब तक करीब 37.5 अरब डॉलर (करीब 3.13 लाख करोड़ रुपये) खर्च हो चुके हैं। पेंटागन के अनुसार, जुलाई की शुरुआत से अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 100 से अधिक सैनिक घायल हुए हैं। संघर्ष के बीच पश्चिम एशिया में सैन्य और कूटनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं।

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