उत्तर प्रदेश के इटावा में वर्ष 2008-09 के चर्चित 14.61 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी स्कूल प्रबंधक लाल सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने बिना स्कूल संचालित किए कागजों पर संस्थान दिखाकर करीब एक करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का दावा किया और सरकारी धन हड़प लिया।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, वर्ष 2008-09 में इटावा के 65 विद्यालयों के खिलाफ 14 करोड़ रुपये से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले के चार मुकदमे दर्ज किए गए थे। वर्ष 2019 में इन मामलों की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी गई। जांच में स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों, उनके सहयोगियों के साथ समाज कल्याण और शिक्षा विभाग के तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका भी सामने आई है।
जांच में पता चला कि लाल सिंह ने इटावा के मनिकपुर मोड़ पर संत बीडीएस पब्लिक स्कूल के नाम से केवल कागजों पर विद्यालय दिखाकर 60-65 छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था, जिसे मंजूरी भी मिल गई। इस मामले में 27 विद्यालयों से जुड़े 11 आरोपी पहले से नामजद हैं, जबकि विवेचना के दौरान पांच अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं।
ईओडब्ल्यू का कहना है कि बिना अधिकारियों की मिलीभगत के इतनी बड़ी रकम स्वीकृत होना संभव नहीं था। जांच एजेंसी अब सभी 65 विद्यालयों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जिन अधिकारियों और अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi