कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि इस बार यात्रा के दौरान प्रदेशभर में 60 हजार से अधिक कांस्टेबल और करीब 5,500 सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) भी पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखेगी। पुलिस का लक्ष्य इस बार ‘जीरो इंसिडेंट और जीरो एक्सीडेंट’ के सिद्धांत पर कांवड़ यात्रा को संपन्न कराना है।
एडीजी ने बताया कि श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। कांवड़ियों से अपील की गई है कि वे केवल पारंपरिक कांवड़ मार्गों का ही इस्तेमाल करें और दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक एक्सप्रेसवे तथा गंगा एक्सप्रेसवे जैसे नए एक्सप्रेसवे पर जाने से बचें। पारंपरिक मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, चिकित्सा सुविधाएं, एंबुलेंस और अन्य जरूरी इंतजाम पहले से किए जा चुके हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाया गया है। प्रमुख शिवालयों में गर्भगृह से लेकर मंदिर परिसर तक तीन से सात स्तर की सुरक्षा रहेगी। कांवड़ मार्गों और प्रमुख जलाशयों पर बैरिकेडिंग, प्रशिक्षित नाविक, पीएसी की फ्लड यूनिट, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अलग से महिला पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
यात्रा के दौरान कांवड़ की ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 10 से 12 फीट तक सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं। साउंड सिस्टम की अधिकतम आवाज 75 डेसिबल तय की गई है। पुलिस साउंड मैपिंग उपकरणों से निगरानी करेगी और सीमा से अधिक आवाज होने पर कार्रवाई करेगी। साथ ही भड़काऊ, अश्लील या जातीय एवं सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने वाले गीतों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं से केवल भजन और धार्मिक गीत बजाने की अपील की गई है।
फूड सेफ्टी विभाग यात्रा मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों और खाद्य दुकानों की नियमित जांच करेगा। दुकानदारों को स्पष्ट रेट लिस्ट प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखने के लिए डिजिटल वॉलंटियर्स और आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय रहेंगे, ताकि किसी भी गलत सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
एडीजी भानु भास्कर ने कहा कि प्रशासन और पुलिस पूरी तैयारी के साथ मैदान में है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की, ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित, शांतिपूर्ण और बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हो सके।
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