राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक शुरू हो गई है। बैठक में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और महासचिव पद से इस्तीफा दे चुके चंपत राय मौजूद हैं, जबकि ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा अब तक बैठक में नहीं पहुंचे हैं।
चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दिया था। आज की बैठक का सबसे अहम एजेंडा दोनों के इस्तीफों पर फैसला माना जा रहा है। पदेन सदस्य के. पाराशरण, नृपेंद्र मिश्रा, केंद्र सरकार के प्रतिनिधि प्रशांत लोखंडे और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि संजय प्रसाद भी फिलहाल बैठक में मौजूद नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार, ये सदस्य ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हो सकते हैं।
ट्रस्ट में कुल 14 सदस्य हैं, जिनमें 4 पदेन सदस्य शामिल हैं। किसी भी प्रस्ताव को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत आवश्यक है। पदेन सदस्यों के वोट की गणना नहीं होती। चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद प्रभावी रूप से 8 सदस्यों के मत ही निर्णायक होंगे। ऐसे में किसी भी प्रस्ताव के लिए कम से कम 6 सदस्यों की सहमति जरूरी होगी।
बैठक से पहले ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने पहली बार चढ़ावा चोरी मामले पर सार्वजनिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि मंदिर में हुई चोरी से वह बेहद आहत हैं और इस घटना को महापाप बताते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सूत्रों के मुताबिक, यदि ट्रस्ट चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार करता है तो विश्व हिंदू परिषद के बजरंग बागड़ा को नया महासचिव बनाया जा सकता है। वहीं, डॉ. अनिल मिश्रा की जगह नीरज दौनेरिया को ट्रस्टी बनाए जाने की भी चर्चा है।
उधर, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने चढ़ावा चोरी मामले की CBI जांच की मांग वाली याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि इसी विषय पर एक याचिका पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। वहीं, पुलिस जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं और मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संपत्तियों, बैंक खातों तथा बरामद CCTV फुटेज की भी जांच जारी है।
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