Tuesday , September 15 2026

सुप्रीम कोर्ट में NEET-SS मामला, FMGE डॉक्टरों की काउंसलिंग रुकी; DM एडमिशन नियमों पर भी सवाल

मेडिकल शिक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर डॉक्टरों और छात्रों की चिंता बढ़ती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में लंबित विवाद के चलते NEET-SS (सुपर स्पेशियलिटी) काउंसलिंग पिछले पांच महीने से शुरू नहीं हो सकी है। वहीं, FMGE परीक्षा पास कर चुके करीब 500 विदेशी मेडिकल स्नातक इंटर्नशिप और काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर, DM (डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन) में प्रवेश के प्रस्तावित नए नियमों का भी देशभर में विरोध शुरू हो गया है।

जानकारी के अनुसार, NEET-SS काउंसलिंग अप्रैल 2026 तक पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन तमिलनाडु के सर्विस कोटा से जुड़े विवाद के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने सुपर स्पेशियलिटी की करीब 250 सीटें सर्विस कोटे के तहत रखीं, जिनमें से केवल लगभग 60 सीटों पर ही दाखिले हुए। शेष करीब 190 सीटें ऑल इंडिया कोटे में लौटाई जानी थीं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने सीटें वापस करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्य सरकार को बची हुई सीटें लौटाने का आदेश दिया, लेकिन इस मामले में दायर नई याचिकाओं के कारण विवाद अभी भी अदालत में लंबित है। डॉक्टरों का कहना है कि काउंसलिंग में देरी से हजारों अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण और नियुक्ति प्रभावित हो रही है, जबकि देश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की पहले से कमी है।

इधर, FMGE परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके करीब 500 डॉक्टर भी इंटर्नशिप शुरू नहीं कर पा रहे हैं। इनका कहना है कि परीक्षा पास करने के बावजूद काउंसलिंग न होने से उनका मेडिकल करियर प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में उन्होंने दिल्ली मेडिकल काउंसिल से भी संपर्क किया है, जहां वैकल्पिक कॉलेजों में समायोजन की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

वहीं, NMC ने DM कोर्स में प्रवेश नियमों की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की है। प्रस्ताव के तहत कुछ अन्य MD विशेषज्ञता वाले डॉक्टरों को भी विभिन्न DM पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने पर विचार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव का कई डॉक्टर संगठन विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे सुपर स्पेशियलिटी प्रशिक्षण की गुणवत्ता और मौजूदा प्रवेश व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

डॉक्टर संगठनों ने मांग की है कि लंबित काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए और नए प्रवेश नियमों पर सभी पक्षों से व्यापक चर्चा के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाए।

Check Also

एमसीसी में 116 यूजीडी हेल्पर पदों पर भर्ती, 50 वर्ष तक के अभ्यर्थी कर सकते हैं आवेदन; जानें शर्तें

मैसूर महानगर पालिका (MCC) ने यूजीडी हेल्पर के 116 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *