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साल 2022 में दोपहिया ई-बाइक और ई-स्कूटर की मांग में बढ़ोतरी, लेकिन इस चीज़ की बढ़ी चिंता

पेट्रोल-डीजल की कीमत में लगातार बढ़ोतरी ने लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर रुख करने को मजबूर किया।इससे दोपहिया ई-बाइक और ई-स्कूटर की मांग तेजी से बढ़ी है।

टाटा जैसी बड़ी ऑटो कंपनी द्वारा कम्पैक्ट एसयूवी और सेडान में ई-वी का विकल्प उपलब्घ कराने से फोर व्हीलर सेगमेंट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री तेजी से बढ़ी।

इस बाजार में साल 2021 से साल 2026 तक 44 प्रतिशत से अधिक की सीएजीआर से बढ़ने का अनुमान है। कई ई-स्कूटर में आग लगने की घटना के बाद सेफ्टी को लेकर चिंता बरकरार है। आने वाले समय में कंपनियों को सेफ्टी के फ्रंट पर काम करना होगा।

ईवी इंडस्ट्री को तेजी से ग्रोथ करने में सरकारी पहलों और नीतियों की बड़ी भूमिका है। ईवी इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने उपभोक्ताओं और निर्माताओं दोनों को कई इंसेटिव दिए हैं। इससे इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री बढ़ी है।

भारत सरकार और कई अन्य राज्य सरकारों द्वारा अपने ई-मोबिलिटी सार्वजनिक परिवहन प्रयोग के हिस्से के रूप में कई प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बसें शुरू की गई हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को बड़ा बाजार मिला है।  चार्जिंग स्टेशन का जाल बिछने से यह मांग और तेज होने की उम्मीद है।

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