अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अंतरिम शांति समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस के ऐतिहासिक वर्साय पैलेस में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तावेज को मंजूरी दी।
समझौता लागू होने के साथ ही दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने, क्षेत्रीय तनाव कम करने और होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने पर सहमति बनी है। इसके अलावा अमेरिका द्वारा ईरान पर लागू नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की बात कही गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, समझौते के मसौदे में युद्धविराम, तेल निर्यात, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, समुद्री मार्गों की बहाली और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष 14 प्रमुख मुद्दों पर आगे भी बातचीत जारी रखेंगे।
समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट के खुलने और तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है।
हालांकि समझौते को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। अमेरिका और ईरान दोनों देशों के कुछ नेताओं ने इसके भविष्य और क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं चीन सहित कई देशों ने दोनों पक्षों से समझौते का पूरी तरह पालन करने और क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समझौते की शर्तों का प्रभावी ढंग से पालन हुआ तो इससे मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव कम होने के साथ वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी राहत मिल सकती है।
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